गुरुवार, 8 सितंबर 2016

मंगली लोगों का विवाह मंगली लोगों से, जानिए……..

क्यों करते हैं मंगली लोगों का विवाह मंगली लोगों से,

जानिए……..

क्या आप जानते हैं कि मंगली शब्द किन लोगों के लिए प्रयोग किया जाता है। किन कारणों से कोई स्त्री या पुरुष मंगली होते हैं। मंगली होने के क्या-क्या प्रभाव होते हैं?
यदि आप इन प्रश्नों के उत्तर नहीं जानते हैं तो यहां जानिए

मंगली शब्द से जुड़ी खास बातें…
ज्योतिष के अनुसार मंगली लोगों पर मंगल ग्रह की विशेष मेहरबानी होने से व्यक्ति मालामाल हो जाता है। जो लोग मंगली होते हैं वे अपनी धर्मपत्नी से कुछ विशेष इच्छाएं रखते हैं,जो कि कोई मंगली जीवन साथी ही पूरी कर सकता है।

इसी वजह से मंगली लोगों का विवाह मंगली लोगों से
ही किया जाता है।

मंगली लोग उच्च पद, व्यवसायी, अभिभाषक, राजनीतिज्ञ, डॉक्टर, इंजीनियर आदि सभी क्षेत्रों में विशेष योग्यता प्राप्त करते हैं। विपरित लिंग के प्रति विशेष संवेदनशील रहते हैं। मंगल से प्रभाव से मंगली लोगों की कामुकता अधिक होती है और

इसी वजह से ये लोग अपने जीवन साथी में कुछ विशेष आशा रखते हैं। इसी कारण मंगली कुंडली वालों का विवाह मंगली से ही किया जाता है।

ज्योतिष के अनुसार नौ ग्रह बताए गए हैं जो कुंडली में अलग-अलग स्थिति के अनुसार हमारा जीवन निर्धारित करते हैं। हमें जो भी सुख-दुख, खुशियां और सफलताएं या असफलताएं प्राप्त होती हैं वह सभी ग्रहों की स्थिति के अनुसार मिलती है। इन

नौ ग्रहों का सेनापति है मंगल ग्रह। मंगल ग्रह से ही संबंधित होते है मंगल दोष। मंगल दोष ही व्यक्ति को मंगली बनाता है।

कुंडली में कई प्रकार के दोष होते हैं। इन्हीं दोषों में से एक है मंगल दोष। यह दोष जिस व्यक्ति की कुंडली में होता है वह मंगली कहलाता है। जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली के 1, 4,

7, 8, 12 वें स्थान या भाव में मंगल स्थित हो तो वह
व्यक्ति मंगली होता है।
मंगल के प्रभाव के कारण ऐसे लोग क्रोधी होते हैं। ज्योतिष के अनुसार मंगली व्यक्ति की शादी मंगली से ही होनी चाहिए।

भूमि-भवन से संबंधित कार्य करने वालों को मंगल ग्रह की विशेष कृपा की आवश्यकता है। मंगल देव की कृपा के बिना कोई व्यक्ति भी भूमि संबंधी कार्य में सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। मंगल से प्रभावित व्यक्ति अपनी धुन के पक्के होते हैं और किसी भी कार्य को बहुत अच्छे से करते है।

मंगल के शांति के उपाय भगवान शिव की स्तुति करें। मूंगे को धारण करें और गेहूं, मसूर की दाल, तांबा, सोना, लाल फूल,लाल वस्त्र, लाल चंदन, केशर, कस्तुरी, लाल बैल,भूमि आदि का दान करे!

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