शुक्रवार, 24 जून 2016

शनि साढे साती

शनि साढे साती : उदय चरण

यह शनि साढ़े साती का आरम्भिक दौर है। इस दौरान शनि चन्द्र से बारहवें भाव में स्थित होगा। आम तौर पर यह आर्थिक हानि, छुपे हुए शत्रुओं से नुक़सान, नुरुद्देश्य यात्रा, विवाद और निर्धनता को दर्शाता है। इस कालखण्ड में आपको गुप्त शत्रुओं द्वारा पैदा की हुई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों से संबंध अच्छे नहीं रहेंगे और वे आपके कार्यक्षेत्र में बाधाएँ खड़ी कर सकते हैं। घरेलू मामलों में भी आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके चलते तनाव और दबाव की स्थिति पैदा होगी। आपको अपने ख़र्चों पर नियन्त्रण करने की आवश्यकता है, अन्यथा आप अधिक बड़े आर्थिक संकट में फँस सकते हैं। इस दौरान लम्बी दूरी की यात्राएँ फलदायी नहीं रहेंगी। शनि का स्वभाव विलम्ब और तनाव पैदा करने का है। हालाँकि अन्ततः आपको परिणाम ज़रूर मिलेगा। इसलिए धैर्य रखें और सही समय की प्रतीक्षा करें। इस दौर को सीखने का समय समझें और कड़ी मेहनत करें, परिस्थितियाँ स्वतः सही होती चली जाएंगी। इस समय व्यवसाय में कोई भी बड़ा ख़तरा या चुनौती न मोल लें।

शनि साढे साती: शिखर  चरण

यह शनि साढ़े साती का चरम है। प्रायः यह दौर सबसे मुश्किल होता है। इस समय चन्द्र पर गोचर करता हुआ शनि स्वास्थ्य-संबंधी समस्या, चरित्र-हनन की कोशिश, रिश्तों में दरार, मानसिक अशान्ति और दुःख की ओर संकेत करता है। इस दौरान आप सफलता पाने में कठिनाई महसूस करेंगे। आपको अपनी कड़ी मेहनत का परिणाम नहीं मिलेगा और ख़ुद को बंधा हुआ अनुभव करेंगे। आपकी सेहत और प्रतिरक्षा-तन्त्र पर्याप्त सशक्त नहीं होंगे। क्योंकि पहला भाव स्वास्थ्य को दर्शाता है इसलिए आपको नियमित व्यायाम और अपनी सेहत का ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है, नहीं तो आप संक्रामक रोगों की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही आपको मानसिक अवसाद और अज्ञात भय या फ़ोबिया आदि का सामना भी करना पड़ सकता है। संभव है कि इस काल-खण्ड में आपकी सोच, कार्य और निर्णय करने की क्षमता में स्पष्टता का अभाव रहे। संतोषपूर्वक परिस्थितियों को स्वीकार करना और मूलभूत काम ठीक तरह से करना आपको इस संकट की घड़ी से निकाल सकता है।

शनि साढे साती: अस्त  चरण

यह शनि साढ़े साती का अन्तिम चरण है। इस समय शनि चन्द्र से दूसरे भाव में गोचर कर रहा होगा, जो व्यक्तिगत और वित्तीय मोर्चे पर कठिनाइयों को इंगित करता है। साढ़े साती के दो मुश्किल चरणों से गुज़रने के बाद आप कुछ राहत महसूस करने लगेंगे। फिर भी इस दौरान ग़लतफ़हमी आर्थिक दबाव देखा जा सकता है। व्यय में वृद्धि होगी और आपको इसपर लगाम लगाने की अब भी ज़रूरत है। अचानक हुई आर्थिक हानि और चोरी की संभावना को भी इस दौरान नहीं नकारा जा सकता है। आपकी सोच नकारात्मक हो सकती है। आपको उत्साह के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। आपको व्यक्तिगत और पारिवारिक तौर पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, नहीं तो बड़ी परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई-लिखाई पर थोड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें पिछले स्तर पर बने रहने के लिए अधिक परिश्रम की ज़रूरत होगी। परिणाम धीरे-धीरे और प्रायः हमेशा विलम्ब से प्राप्त होंगे। यह काल-खण्ड ख़तरे को भी दर्शाता है, अतः गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी अपेक्षित है। यदि संभव हो तो मांसाहार और मदिरापान से दूर रहकर शनि को प्रसन्न रखें। यदि आप समझदारी से काम लेंगे, तो घरेलू व आर्थिक मामलों में आने वाली परेशानियों को भली-भांति हल करने में सफल रहेंगे।

मंगलवार, 14 जून 2016

वशीकरण टोटका

पीपल के पत्तों से वशीकरण टोटका -
करने के लिए
आप अमावस्या के दिन का इंतज़ार करे. उस दिन आप को पीपल के पेड़ से दो पत्ते तोड़ ले जो सूखे हुए हो. आपको पत्ते पेड़ से तोड़ने होंगे नीचे पड़े हुए पत्तो को ना उठाये. पूरी तरह सूखे पत्ते ना मिले तो जो पत्ते थोड़े पीले से हो जाते है उनको भी काम में लाया जा सकता है. अब जो व्यक्ति आप से दूर हुआ होता है या फिर आपको किसी से कोई समस्या है तो पीपल के सूखे हुए पत्तो पर उनका नाम लिख दे. आपको नाम दोनों पत्तों पर लिखना है. एक पत्ते पर नाम लिखने के लिए काजल का इस्तेमाल करे. जिस पत्ते कर काजल से नाम लिखा गया है उसको पीपल के पेड़ के पास रख दे. इस पत्ते को आपको उल्टा करके रखना है और उसके बाद आपको एक भारी पत्थर लेना है. भारी पत्थर को पत्ते के ऊपर रख दे. अब आपको दुसरे पत्ते पर जो नाम लिखना है उसे आपको सिन्दूर से लिखना है. दुसरे पत्ते को आपको अपने घर पे ही रखना है और उसे घर की छत पर उल्टा करके रखना है उसे भी एक भारी पत्थर से दबा दे. ऐसा करने के बाद जब पूर्णिमा का दिन आता है लगभग 15-16 दिन तक पीपल के पेड़ में पानी दे और साथ ही अपने चाहने वाले के आने की या फिर अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करे. ऐसा करने से आपको निश्चित ही फायदा मिलेगा और आपकी मनोकामना जरुर पूरी होगी. आपका चाहने वाला आपको अवश्य ही मिल जायेगा. जब आपका काम पूरा हो जाये तो आप दोनों पत्तो को एक साथ मिला कर किसी शुद्ध स्थान पर प्रवाह कर दे.

इलायाचियों से वशीकरण टोटका - इसके अलाव एक और तरीका है ऐसी समस्या से मुक्ति पाने की. अगर आपके किसी चाहने वाले का आपके प्रति आकर्षण कम हो गया है या फिर अब वो आपको प्यार नहीं करता है तो भगवान् श्री कृष्ण का जाप करे और साथ ही तीन इलायाची लें. इन इलायाचियों को अपने शरीर से लगाकर शुक्रवार के दिन छुपा दे. इसको इस तरह से छुपाया जा सकता है जैसे की साडी के पल्लू में या फिर रुमाल में भी छुपाया जा सकता है. इसके बाद अगले दिन यानि शनिवार को एक इलायची को पीस ले और अपने चाहने वाले या जिसको आप आकर्षित करना चाहते है उसको खिला दे. ऐसा लगातार तीन दिन करने से असर आपको दिखाई देने लगेगा.

लौंग से वशीकरण टोना टोटका - इसके अलावा शुक्ल पक्ष के रविवार के दिन 4 लौंग ले और अपने शरीर के उस स्थान से स्पर्श कराएं जहाँ पर पसीना आता है. अब इसके बाद इन लौंग को पीस कर चूर्ण बना ले और जिसको आपको वश में करना है तो उस चूर्ण चाय में या फिर दूध में मिलाकर पिला देने से उस पर आपका असर हो जायेगा और आप जैसा चाहते है वैसा करने में सफलता हासिल कर लेंगे.