मंगल-सप्तम भाव में
कुण्डली के सातवें घर में मंगल बैठा हो तो नीचे लिखी अशुभता प्रदान करता है।
1. जातक की स्त्री क्रोधी स्वभाव की होगी।
2. जातक स्वयं क्रोध के कारण अपना नुकसान कर लेता है।
3. जातक प्राय: पुत्रहीन होता है।
4. ऐसे जातकों की पराई स्त्री से संबंध होता है।
मंगल के उपाय एवं टोटके
1. चांदी की ठोस गोली बनवाकर सदैव अपनी जेब में रखें।
2. मंगलवार के दिन लस्सी जरूर पियें।
3. लाल रूमाल अपनी जेब में रखें।
4. बहन को मंगलवार के दिन अपने हाथ से मिठाई खिलाएं।
5. 'सिद्ध मंगल यंत्र' लेखक के मंगाकर धारण करें।
6. हनुमानजी का व्रत रखें, हनुमान चालीसा बांटें।
मंगल-अष्टम भाव में
कुण्डली में आठवें (घर) में मंगल बैठा हो तो निम्नलिखित अशुभ फल प्रदान करता है।
1. आठवें भाव में बैठे मंगल के अशुभ प्रभाव से जातक अल्प आयु वाला तथा दरिद्र होता है।
2. जातक के लिए 28 वर्षों तक मौत का फंदा बना रहता है।
3. मंगल आठवें भाव में हो और बुध छठे भाव में हो तो जातक की माता की मृत्यु जातक के बचपन में हो जाने की आशंका रहती है।
4. जातक 'मर्डर केस' में फंस सकता है।
5. जातक रोगी होता है।
मंगल के उपाय एवं टोटके
1. विधवा स्त्री की सेवा करें।
2. चांदी की चेन धारण करें।
3. 'सिद्ध मंगल यंत्र' जरूर धारण करें।
4. त्रिधातु की अंगूठी धारण करें।
5. हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें और मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा हनुमानजी के मंदिर में जाकर बांटें।
6. लाल रूमाल सदैव अपने पास रखें।
मंगल-नवम् भाव में
कुण्डली में नवम् भाव में मंगल हो तो निम्नवत् अशुभ प्रभाव प्रदान करता है।
1. जातक क्रोधी स्वभाव का होता है।
2. विद्या अधूरी रहे।
3. जातक झूठा होता है।
4. ईमानदार हो फिर भी बदनामी मिलती है।
5. जीवन के क्षेत्र में सफलता कम मिलती है।
6. स्त्री की कमाई पर जीवन-यापन करता है।
मंगल की अशुभता दूर करने के उपाय
1. मंगलवार को 21, 51 या 101 हनुमान चालीसा बांटें।
2. मंगलवार को हनुमानजी को सिंदूर एवं लड्डू चढ़ाएं।
3. 'सिद्ध मंगल यंत्र' धारण करें।
4. तांबे के सात चौकोर टुकड़े बनाकर मिट्टी के नीचे दबा दें।
5. प्रतिदिन 'हनुमान स्तुति' का पाठ करें।
मंगल-दशम् भाव में
दसवें खाने में बैठा मंगल नीचे लिखी अशुभता जातक को प्रदान करता है:
1. जातक को चोरी के आरोप में जेल जाना पड़ सकता है।
2. मंगल दसवें, सूर्य चौथे, बुध छठे खाने में हो तो जातक एक आंख का काना हो सकता है।
3. मंगल के साथ कोई पापी ग्रह हो तो जातक बर्बाद हो जाता है।
4. मंगल के अशुभ प्रभाव से जातक 15 वर्ष तक बीमारी से पीड़ित हो सकता है।उ
मंगल अशुभता दूर करने के उपाय
1. संतानहीन की सेवा करें।
2. घर में हिरण पालें।
3. मंगलवार को मीठा भोजन करें।
4. हनुमानजी को लड्डू चढ़ाएं।
5. मंगलवार को हनुमान चालीसा बांटें
मंगल-एकादश भाव में
मंगल ग्यारहवें भाव में हो तो जातक को निम्नलिखित अशुभता प्रदान करता है।
1. जातक कर्जदार रहता है।
2. जातक की संतान झगड़ालू होती है।
3. जातक को मित्रों से धोखे मिलते हैं।
4. शिक्षा में विघ्न बाधाएं।
5. आजीविका के लिए कठोर संघर्ष करना पड़े।
मंगल अशुभता निवारण के उपाय
1. बिना जोड़ वाला सोने का छल्ला धारण करें।
2. काला कुत्ता पालें।
3. केसर का तिलक लगाएं।
4. कर्ज से मुक्ति के लिए प्रभावकारी 'सिद्ध मंगल यंत्र' धारण करें।
5. मंगल व्रत रखें और पीले लड्डू का प्रसाद बांटें।
मंगल-द्वादश भाव में
कुण्डली में बारहवें भाव में बैठा मंगल क्या अशुभ प्रभाव डालता है।
1. शत्रुओं से हानि की आशंका।
2. लाभ से अधिक व्यय होगा।
3. घर में चोरी होने का
4. पत्नी से अनबन।
5. जातक संतानहीन हो सकता है।
उपाय एवं टोटके:-
1. चांदी की चेन धारण करें।
2. लाल रूमाल सदैव अपने पास रखें।
3. एक किलो पतासे मंगल के दिन बहते जल में प्रवाहित करें।
4. 'सिद्ध मंगल यंत्र' धारण करने से शुभ लाभ होगा।
5. तंदूर में मीठी रोटी सेंककर कुत्ते को खिलाएं।
6. साढ़े पांच रत्ती मूंगा सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण करें।
मंगलवार, 12 जुलाई 2016
कुंडली के 12 घर में मंगल क्या फल देता है?7-12
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