कुंडली के 12 घर में मंगल क्या फल देता है?
मंगल- प्रथम भाव में
कुण्डली के प्रथम भाव में अर्थात पहले खाने में मंगल बैठा हो तो जातक (जिसकी कुण्डली हो) में नीचे लिखे अशुभ लक्षण आ जाते हैं:-
1. जातक झूठा और मक्कार होता है।
2. भाइयों का अनिष्टकारक होता है।
3. जातक की पत्नी की मृत्यु अग्नि दुर्घटना में हो।
4. दो विवाह का योग बनता है।
5. जातक की पत्नी रोगग्रस्त होती है।
6. जातक झगड़ालू और लड़ाकू होता है।
7. बारहवें भाव में चन्द्र हो तो जातक दरिद्र होता है।
अशुभता दूर करने के उपाय एवं टोटके
1. मंगल को शुभ बनाने के लिए हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें।
2. मिट्टी के घड़े में गुड़ डालकर मंगलवार को सुनसान स्थान में रख आएं।
3. लाल रंग के वस्त्रों का ज्यादा उपयोग करें।
4. मंगलवार का व्रत रखें।
5. सिद्ध मंगल यंत्र धारण करें।
मंगल-द्वितीय भाव में
कुण्डली के दूसरे खाने में मंगल बैठा हो तो आगे वर्णित अशुभता प्रदान करता है।
1. जातक 9 वर्षों तक रोग से पीड़ित रहे।
2. यदि जातक अपने भाइयों से छोटा है तो बड़े भाई की मृत्यु का योग बनता है।
3. विवाहित जीवन में पति-पत्नी में आपसी क्लेश बना रहेगा।
4. मंगल अशुभ हो तो जातक की मृत्यु लड़ाई-झगड़े में होने की आशंका रहती है।
मंगल की अशुभता दूर करने के उपाय और टोटके
1. दोपहर के समय बच्चों को फल बांटें।
2. मंगलवार का व्रत रखें।
3. लाल रूमाल सदैव अपने पास रखें।
4. सवा किलो या सवा पांच किलो रेवड़ियां बहते जल में प्रवाहित करें।
5. पांच छुहारे जल में उबालकर नदी में प्रवाहित करें।
मंगल-तृतीय भाव में
कुण्डली में तीसरे खाने में मंगल बैठा हो तो निम्निलिखित अशुभता प्रदान करता है।
1. जातक शराबी होता है।
2. चालबाज एवं धोखेबाज होता है।
3. मंगल के अशुभ प्रभाव से जातक ब्लड प्रेशर का रोगी हो सकता है।
4. मंगल अशुभ होकर जातक की हत्या भी करवा सकता है।
5. मंगल की अशुभता के कारण जातक अपना काम स्वयं बिगाड़ लेता है।
मंगल की अशुभता दूर करने के उपाय एवं टोटके
1. चापलूस मित्रों से दूर रहें
2. साढ़े पांच रत्ती मूंगा (रत्न) सोने की अंगूठी में जड़वाकर मंगलवार के दिन धारण करें।
3. मूंगा धारण करने की शक्ति (क्षमता) न हो तो 'सिद्ध मंगल यंत्र' लेखक से मंगवाकर धारण करें।
4. हाथी दांत से बनी वस्तुएं घर में न रखें।
5. चांदी की अंगूठी बाएं हाथ की उंगली में धारण करें।
मंगल-चतुर्थ भाव में
कुण्डली में चौथे खाने में मंगल बैठा हो तो नीचे लिखी अशुभता प्रदान करता है।
1. जातक मांगलिक होता है।
2. जातक संतानहीन हो सकता है।
3. जातक रोग से पीड़ित रहता है।
4. क्रोध के कारण स्वयं की हानि होती है।
5. वृद्धावस्था में अंधा हो सकता है।
6. मंगल चौथे खाने में हो और बुध 12वें हो तो जातक पूर्ण रूप से दरिद्र होता है।
मंगल की अशुभता नष्ट करने के उपाय एवं टोटके
1. त्रिधातु की अंगूठी धारण करें।
2. 'सिद्ध मंगल यंत्र' गले में अथवा दाहिने बाजू पर धारण करें। सिद्ध किया हुआ मंगल यंत्र शीघ्र शुभ फल प्रदान करता है।
3. देवताओं की मूर्तियां घर में स्थापित न करें।
4. अपने बिस्तर, तकिया आदि पर लाल रंग का कवर चढ़ाएं।
मंगल-पंचम भाव में
कुण्डली के पांचवें खाने (भाव) में मंगल बैठा हो तो नीचे लिखी अशुभता जातक को प्रदान करता है।
1. जातक (जिसकी जन्म कुण्डली हो), पाप कर्म में लिप्त शराबी हो सकता है।
2. जीवन में अनेक परेशानियां आएंगी।
3. मिरगी का रोगी भी हो सकता है।
4. जातक नेत्र रोगी भी हो सकता है।
5. जातक की स्त्री गर्भस्राव रोग से परेशान हो सकती है।
उपाय एवं टोटके
1. रात को सिरहाने तांबे के लोटे में पानी भरकर रखें और सुबह उठकर उस जल को पीपल के वृक्ष की जड़ में डाल दें।
2. आंगन में नीम का पेड़ लगाएं।
3. 'सिद्ध मंगल यंत्र' गले में धारण करें या सवा पांच रत्ती मूंगा की अंगूठी बनवाकर दाहिने हाथ की उंगली में मंगलवार के दिन धारण करें।
4. मंगलवार का व्रत रखें।
5. मंगलवार को हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा बांटें।
6. वैदिक विधि से 'मंगल शांति पाठ' कराएं।
मंगल-षष्टम् भाव में
जिसकी कुण्डली में मंगल छठे भाव में होता है उसे निम्नलिखित अशुभता प्रदान करता है।
1. जातक बवासीर या ब्लडप्रेशर का रोगी हो सकता है।
2. जातक कामुक स्वभाव होता है और पराई स्त्रियों पर बुरी नीयत रखता है।
3. मंगल छठे भाव में हो और बुध आठवें भाव हो तो जातक की छोटी उम्र में ही उसकी माता का देहान्त हो जाने की आशंका रहती है।
4. मंगल छठे और बुध 12वें भाव में हो तो जातक के भाई-बहनों की स्थिति दयनीय होती है।
मंगल के उपाय एवं टोटके
1. चार सूखे खड़कते नारियल मंगलवार के दिन नदी में प्रवाहित करें।
2. मंगलवार के दिन हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाएं और पीले लड्डू का प्रसाद चढ़ाकर लोगों को बांटें।
3. 'सिद्ध मंगल यंत्र' धारण करने से अशुभता का नाश होगा और शुभ फल मिलेगा।
4. हनुमान चालीसा या हनुमान स्तुति बांटें।
5. कुंवारी कन्याओं का पूजन करें।
मंगलवार, 12 जुलाई 2016
कुंडली के 12 घर में मंगल क्या फल देता है?1-6
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